
मानसा, 28 दिसंबर :
जिला मजिस्ट्रेट-कम-डिप्टी कमिश्नर श्रीमती नवजोत कौर, आई.ए.एस. ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के अंतर्गत प्राप्त अधिकारों का प्रयोग करते हुए जिला मानसा की सीमा के भीतर निजी कब्जे/मालिकाना हक वाले खाली पड़े प्लॉटों में कूड़ा-कचरा, गंदगी और गंदे पानी के जमा होने से होने वाली बीमारियों की रोकथाम के लिए अग्रिम एवं उपयुक्त प्रबंध सुनिश्चित करने हेतु विशेष आदेश जारी किए हैं।
आदेश में कहा गया है कि शहर में खाली पड़े प्लॉटों के मालिक/कब्जाधारी अपने-अपने खाली प्लॉटों में पड़े कूड़ा-कचरे के ढेर, गंदगी तथा बारिश के रुके हुए गंदे पानी की तुरंत सफाई अपने स्तर पर करवाना सुनिश्चित करेंगे। साथ ही, अपनी मालिकी/कब्जे वाले खाली प्लॉट के चारों ओर पक्की चारदीवारी या फेंसिंग करवाना सुनिश्चित किया जाए अथवा प्लॉट में कूड़ा-कचरा इकट्ठा होने से रोका जाए।
आदेश में यह भी कहा गया है कि अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर (शहरी विकास) मानसा, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के तहत जारी इन आदेशों की पालना पंजाब म्यूनिसिपल कॉरपोरेशन एक्ट, 1976, पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986 तथा म्यूनिसिपल सॉलिड वेस्ट (मैनेजमेंट एवं हैंडलिंग) नियम, 2016 के अंतर्गत सुनिश्चित करवाएंगे।
जिला मजिस्ट्रेट ने कहा कि इन आदेशों की उल्लंघना करने वाले व्यक्तियों/संस्थानों के विरुद्ध जनस्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाने के परिणामस्वरूप उक्त नियमों के तहत जुर्माना और कानूनी कार्रवाई करते हुए मामले दर्ज किए जाएंगे। इसके अतिरिक्त, यदि प्लॉट की सफाई का कार्य नगर कौंसिल/पंचायत द्वारा करवाया जाता है, तो सफाई पर होने वाले खर्च की रिकवरी प्लॉट के कब्जाधारी/मालिक से की जाएगी।
जिला मजिस्ट्रेट ने आगे कहा कि उनके ध्यान में आया है कि शहर में जगह-जगह विभिन्न व्यक्तियों की मालिकी/कब्जे के अधीन खाली पड़े प्लॉटों में कूड़ा-कचरा, गंदगी और गंदा पानी जमा होता रहता है, जिससे कई प्रकार के हानिकारक जीव-जंतु पैदा होते हैं, जो विभिन्न प्रकार की बीमारियां (जैसे डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया आदि) फैलाते हैं। इस प्रकार ये बीमारियां शहरवासियों की सेहत के लिए एक गंभीर और जानलेवा खतरा हैं। ऐसी स्थिति में इन बीमारियों के फैलाव को रोकने के लिए इन खाली पड़े प्लॉटों की साफ-सफाई होना अत्यंत आवश्यक है।






