ज़िला मजिस्ट्रेट द्वारा ध्वनि प्रदूषण की रोकथाम हेतु आदेश जारी, ध्वनि/शोर प्रदूषण पर रहेगी पाबंदी

होशियारपुर, 10 जनवरी :
ज़िला मजिस्ट्रेट-कम-डिप्टी कमिश्नर आशिका जैन द्वारा भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 के अंतर्गत प्राप्त अधिकारों के तहत जारी आदेश के अनुसार ज़िले में किसी भी प्रकार के ध्वनि प्रदूषण/अत्यधिक शोर करने वाले उपकरणों, संगीत तथा किसी भी तरह के ध्वनि प्रदूषण, शोर या धमक पैदा करने पर पाबंदी रहेगी।
यह पाबंदी केवल रंग उत्पन्न करने वाले पटाखों और फुलझड़ियों पर लागू नहीं होगी। इसी प्रकार वाहनों आदि में किसी भी तरह के प्रेशर हॉर्न, विभिन्न प्रकार के संगीत बजाने वाले उपकरण तथा किसी भी तरह का ध्वनि प्रदूषण, शोर, धमक या अधिक आवाज़ पैदा करने वाले हॉर्न बजाने पर भी पूर्ण रूप से प्रतिबंध रहेगा। केवल सरकार द्वारा निर्धारित ऐसे हॉर्न, जो ध्वनि प्रदूषण से मुक्त हों, उन्हें ही निर्धारित ध्वनि सीमा में बजाया जा सकेगा।
इसके अतिरिक्त किसी भी गैर-सरकारी इमारतों, व्यावसायिक दुकानों, सार्वजनिक स्थानों, सिनेमाघरों, मॉल, होटल-रेस्टोरेंट तथा मेलों आदि में तेज़ आवाज़ और धमक पैदा करने वाला संगीत एवं अश्लील गीत चलाने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।
साइलेंस ज़ोन जैसे कि मंत्रालय, वन विभाग क्षेत्र, अस्पताल, शैक्षणिक संस्थान, न्यायालय, धार्मिक संस्थान अथवा कोई भी ऐसा क्षेत्र जिसे सक्षम प्राधिकारी द्वारा साइलेंस ज़ोन घोषित किया गया हो—उसके 100 मीटर के दायरे में आतिशबाज़ी/पटाखे/लाउडस्पीकर/प्रेशर हॉर्न तथा शोर पैदा करने वाले उपकरणों को चलाने/लगाने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।
इसी प्रकार विशेष परिस्थितियों और अवसरों पर आयोजक, धार्मिक स्थलों/पंडालों में लाउडस्पीकर तथा अधिकृत मैरिज पैलेसों में डी.जे./ऑर्केस्ट्रा संबंधित उप-मंडल मजिस्ट्रेट से पंजाब इंस्ट्रूमेंट्स (कंट्रोल ऑफ नॉइज़) एक्ट, 1956 में दर्ज शर्तों सहित लिखित अनुमति प्राप्त किए बिना नहीं चलाएंगे।
जारी आदेश के अनुसार संबंधित उप-मंडल मजिस्ट्रेट से आवश्यक अनुमति प्राप्त करने के बावजूद भी माननीय सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार किसी भी स्थान पर चलाए जा रहे लाउडस्पीकर/डी.जे./संगीत उपकरण/एड्रेस सिस्टम आदि की ध्वनि सीमा संबंधित क्षेत्र के निर्धारित ध्वनि मानकों से अधिक नहीं होगी। इसके अंतर्गत औद्योगिक क्षेत्रों में दिन के समय 75 डीबी (ए) और रात के समय 70 डीबी (ए), वाणिज्यिक क्षेत्रों में दिन के समय 65 और रात के समय 55, आवासीय क्षेत्रों में दिन के समय 55 और रात के समय 45 तथा साइलेंस ज़ोन में दिन के समय 50 डीबी (ए) और रात के समय 40 डीबी (ए) से अधिक नहीं होगी।
दिन का समय सुबह 6:00 बजे से रात 10:00 बजे तक माना जाएगा। यह आदेश सरकारी मशीनरी तथा आपातकालीन परिस्थितियों में लागू नहीं होगा। यह आदेश 7 मार्च 2026 तक प्रभावी रहेगा।






