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# पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने श्री नांदेड़ साहिब में माथा टेका; कहा, पंजाब सरकार नांदेड़ साहिब को पवित्र शहर का दर्जा दिलाने की मांग महाराष्ट्र सरकार के समक्ष उठाएगी

हम पहले ही श्री अमृतसर साहिब, श्री आनंदपुर साहिब और तलवंडी साबो को पवित्र शहर घोषित कर चुके हैं: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
गुरु साहिबानों का संदेश आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने के लिए आप सरकार हर संभव प्रयास करेगी: भगवंत सिंह मान

महाराष्ट्र में आज नांदेड़ स्थित तख्त सचखंड श्री हजूर साहिब में श्रद्धा के साथ माथा टेकते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि उनकी सरकार नांदेड़ साहिब को पवित्र शहर का दर्जा देने की मांग महाराष्ट्र सरकार के समक्ष उठाएगी। उन्होंने कहा कि यह पवित्र शहर सिखों और विशेष रूप से समूची मानवता के लिए अत्यंत आध्यात्मिक महत्व रखता है। यह स्मरण कराते हुए कि पंजाब सरकार पहले ही श्री अमृतसर साहिब, श्री आनंदपुर साहिब और तलवंडी साबो को पवित्र शहर घोषित कर चुकी है, मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि उनकी सरकार गुरु साहिबानों के दर्शन और संदेश के अधिकतम प्रसार के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कलगीधर पातशाह जी के पवित्र स्थल पर भी माथा टेका और इस धार्मिक स्थल के प्रबंधकों से मुलाकात की। इस अवसर पर उन्होंने यहां नतमस्तक होने पहुंचे श्रद्धालुओं और स्थानीय निवासियों की भारी भीड़ भी देखी, जो पंथ, उसकी ऐतिहासिक संस्थाओं और उनसे प्रेरणा लेने वाले लोगों के बीच गहरे संबंधों को दर्शाती है।

सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि नांदेड़ साहिब न केवल सिखों के लिए बल्कि समूची मानवता के लिए पवित्र स्थान है, क्योंकि दसवें सिख गुरु श्री गुरु गोबिंद सिंह जी ने अपने जीवन का महत्वपूर्ण समय इस पवित्र नगरी में बिताया था।

मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि पंजाब सरकार नांदेड़ साहिब को पवित्र शहर का दर्जा देने संबंधी मांग को महाराष्ट्र सरकार के समक्ष दृढ़ता से उठाएगी, जो श्री गुरु गोबिंद सिंह जी को सच्ची श्रद्धांजलि होगी। उन्होंने आगे कहा कि हाल ही में पंजाब सरकार ने नौवें गुरु श्री गुरु तेग बहादुर जी—जिन्होंने धार्मिक स्वतंत्रता और मानव अधिकारों की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति दी—का 350वां शहीदी दिवस अत्यंत श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाया है।

पिछले वर्ष लिए गए एक महत्वपूर्ण निर्णय को याद करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि नवंबर में श्री गुरु तेग बहादुर जी के शहीदी दिवस के अवसर पर पंजाब सरकार ने उन तीन शहरों, जहां सिखों के तख्त साहिबान स्थित हैं, को पवित्र शहर घोषित किया था। उन्होंने बताया कि वॉल्ड सिटी अमृतसर, तलवंडी साबो और श्री आनंदपुर साहिब को पवित्र शहर का दर्जा देने की अधिसूचना पहले ही जारी की जा चुकी है, जिससे दुनिया भर की संगतों की लंबे समय से चली आ रही मांग पूरी हुई है। उन्होंने कहा कि इसी तर्ज पर महाराष्ट्र सरकार को भी नांदेड़ साहिब को पवित्र शहर का दर्जा देना चाहिए, जिसके लिए पंजाब सरकार हर संभव प्रयास करेगी।

मुख्यमंत्री ने नांदेड़ साहिब में पंजाब भवन के पूर्ण कायाकल्प की भी घोषणा की। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार द्वारा निर्मित पंजाब भवन को श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए अत्याधुनिक सुविधाओं से उन्नत किया जाएगा। इसके साथ ही श्रद्धालुओं की सुविधा हेतु नांदेड़ में वेरका दुग्ध उत्पादों की आपूर्ति को और अधिक सुचारु बनाया जाएगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस पवित्र स्थल के दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को हर संभव सुविधा उपलब्ध कराने में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी।

देश के लिए पंजाबियों के योगदान पर बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाबियों ने स्वतंत्रता संग्राम, देश को खाद्य उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने तथा भारत की एकता, अखंडता और संप्रभुता की रक्षा में सराहनीय भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि सीमाओं की रक्षा की बात हो या किसी आपदा का समय—पंजाबी हमेशा सबसे आगे रहते हैं और सेवा के लिए तत्पर रहते हैं। यह गर्व की बात है कि किसी भी संकट के समय पंजाबी अक्सर रेड क्रॉस जैसी संस्थाओं से पहले ही जरूरतमंदों की सेवा के लिए मौके पर पहुंच जाते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि युवा पीढ़ियों के लिए महान गुरु साहिबानों की गौरवशाली विरासत को संजोकर रखना पंजाब सरकार का कर्तव्य है। उन्होंने कहा कि हम गुरु साहिबानों के बताए मार्ग पर चल रहे हैं, जिन्होंने मानवता को अन्याय, अत्याचार और दमन के विरुद्ध खड़े होना सिखाया और “सरबत दा भला” का संदेश दिया।

उन्होंने आगे कहा कि इसी प्रतिबद्धता के तहत हाल ही में पंजाब सरकार ने श्री आनंदपुर साहिब में श्री गुरु तेग बहादुर जी का 350वां शहीदी दिवस मनाया। उन्होंने कहा कि हमारा एकमात्र उद्देश्य युवा पीढ़ियों को गुरु साहिबानों के जीवन, दर्शन और मानवता की रक्षा के लिए दी गई उनकी महान कुर्बानियों से जोड़ना है।

इस दौरान तख्त श्री हजूर साहिब में मुख्यमंत्री ने राज्य की प्रगति, विकास और लोगों की खुशहाली के लिए अरदास की। उन्होंने कहा कि तख्त श्री हजूर साहिब सिख धर्म के पांच सर्वोच्च तख्तों में से एक है, जो समुदाय के लिए आध्यात्मिक, अलौकिक और नैतिक मूल्यों का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि सिखों के अन्य चार तख्त—अमृतसर में श्री अकाल तख्त साहिब, श्री आनंदपुर साहिब में तख्त श्री केशगढ़ साहिब, तलवंडी साबो में तख्त श्री दमदमा साहिब और बिहार में तख्त श्री पटना साहिब—स्थित हैं।

श्री गुरु गोबिंद सिंह जी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि दसवें गुरु श्री गुरु गोबिंद सिंह जी ने धर्मनिरपेक्षता के मूल्यों की स्थापना, मानव अधिकारों की रक्षा और धार्मिक स्वतंत्रता के लिए अतुलनीय योगदान दिया और इन आदर्शों के लिए अपने पूरे परिवार का बलिदान दिया। उन्होंने कहा कि गुरु साहिब ने अपने जीवन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा नांदेड़ साहिब की पवित्र धरती पर बिताया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पवित्र स्थल पर श्रद्धा और सम्मान अर्पित करने का अवसर पाकर वे स्वयं को सौभाग्यशाली मानते हैं। भगवंत सिंह मान ने कहा कि वे परमात्मा से प्रार्थना करते हैं कि उन्हें पंजाब के लोगों की और अधिक विनम्रता और समर्पण के साथ सेवा करने की शक्ति प्रदान करें। गुरुद्वारा साहिब में अरदास के उपरांत उन्होंने जाति, रंग, नस्ल और धर्म के किसी भी भेदभाव के बिना लोगों की सेवा करने और एक सौहार्दपूर्ण समाज के निर्माण के प्रति अपनी सरकार की दृढ़ प्रतिबद्धता दोहराई।

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