
चंडीगढ़, 10 फरवरी
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज पंजाबवासियों से अपील की कि राज्य सरकार द्वारा प्रत्येक परिवार के लिए शुरू की गई ‘मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना’ को लेकर पंजाब विरोधी ताकतों द्वारा फैलाए जा रहे झूठे प्रचार से गुमराह न हों।
एक वीडियो संदेश के माध्यम से लोगों को संबोधित करते हुए भगवंत सिंह मान ने कहा,
“पंजाब सरकार ने जनकल्याण की इस प्रमुख योजना की शुरुआत इसलिए की है ताकि पंजाब के हर नागरिक, विशेष रूप से समाज के कमजोर वर्गों को, कैशलेस इलाज की सीधी सुविधा मिल सके।”
इस पहल की जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा,
“लोगों को व्यापक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए राज्य सरकार ने ‘मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना’ शुरू की है। यह देश में अपनी तरह की पहली योजना है, जिसके तहत पंजाब का हर परिवार 10 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज करवाने का हकदार है।”
इसे एक ऐतिहासिक उपलब्धि बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा,
“यह बड़े गर्व और संतोष की बात है कि पंजाब व्यापक स्तर पर मुफ्त स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने वाला पहला भारतीय राज्य बन गया है। यह योजना लोगों पर पड़ने वाले आर्थिक बोझ को काफी हद तक कम करेगी और साथ ही गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच सुनिश्चित करेगी।”
योजना के तहत पंजीकरण की जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा,
“इस ऐतिहासिक कदम का उद्देश्य राज्य के सभी परिवारों को कैशलेस स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करना है। सभी सरकारी कर्मचारी, पेंशनभोगी और अन्य नागरिक स्वास्थ्य कार्ड के लिए पात्र हैं। यह स्वास्थ्य कार्ड सुविधा केंद्रों और कॉमन सर्विस सेंटरों से या आधार कार्ड अथवा वोटर कार्ड के माध्यम से ऑनलाइन पंजीकरण करके प्राप्त किया जा सकता है।”
लोगों की सकारात्मक प्रतिक्रिया का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इस योजना को पंजाब के लोगों ने भरपूर समर्थन दिया है और बड़ी संख्या में लोग इसका लाभ लेने के लिए आगे आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस पहल से उन परिवारों को बड़ी राहत मिली है, जिन्हें पहले बीमारी के इलाज का भारी खर्च अपनी जेब से उठाना पड़ता था।
मुख्यमंत्री ने भ्रामक जानकारी फैलाने के खिलाफ चेतावनी देते हुए कहा कि कुछ पंजाब विरोधी ताकतें, जो नहीं चाहतीं कि राज्य के लोगों को ऐसी सुविधाओं का लाभ मिले, जानबूझकर इस प्रमुख योजना के बारे में झूठ फैला रही हैं।
उन्होंने आगे कहा कि विपक्ष द्वारा योजना को लेकर की जा रही निराधार बयानबाजी का उद्देश्य केवल लोगों को इस योजना से निराश करना है, जो पूरी तरह से गलत और अनुचित है।
अस्पतालों को पैनल में शामिल करने की प्रक्रिया स्पष्ट करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि राज्य सरकार ने इस योजना के तहत अधिक से अधिक निजी अस्पतालों को सूचीबद्ध किया है। इसके अंतर्गत सरकार द्वारा लगभग 2,600 बीमारियों और उपचार सेवाओं के लिए दरें निर्धारित की गई हैं।
भुगतान व्यवस्था के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा कि सरकार अस्पतालों को आपसी सहमति से तय दरों के अनुसार भुगतान करेगी, चाहे वे अस्पताल सामान्य तौर पर किसी बीमारी या इलाज के लिए बाहर के मरीजों से अधिक शुल्क ही क्यों न लेते हों।
अस्पतालों की जवाबदेही पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि योजना के तहत सूचीबद्ध सभी अस्पताल सरकार द्वारा निर्धारित दरों पर इलाज देने के लिए बाध्य हैं और उन्हें यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं कि लाभार्थियों को पूरी तरह कैशलेस इलाज मिले।
योजना को लेकर फैलाई जा रही किसी भी गलत जानकारी को सिरे से खारिज करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अस्पतालों को सरकार द्वारा सीधे भुगतान किया जाएगा और लाभार्थियों से एक पैसा भी नहीं लिया जाएगा। उन्होंने पंजाब विरोधी ताकतों द्वारा इस योजना को लेकर गुमराह करने और गलत तस्वीर पेश करने के प्रयासों को पूरी तरह नकारते हुए लोगों से अफवाहों से दूर रहने की अपील की।
योजना के लाभों के बारे में स्पष्ट करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना’ के तहत लाभार्थियों के लिए सभी उपचार सेवाएं पूरी तरह कैशलेस हैं और अस्पतालों द्वारा मरीजों से कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा।
लोगों से सतर्क रहने की अपील करते हुए उन्होंने कहा कि ऐसी ताकतों से सावधान रहें जो निराधार अफवाहें फैलाकर जनहित को नुकसान पहुंचाना चाहती हैं। उन्होंने कहा, “मैं समस्त पंजाबवासियों से अपील करता हूं कि वे किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें।”
योजना के तहत इलाज प्रक्रिया का विवरण देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने एक ठोस व्यवस्था बनाई है, जिसके तहत अस्पताल में भर्ती होने से लेकर जांच, उपचार और अस्पताल से छुट्टी तक पूरी प्रक्रिया कैशलेस रहेगी।
उल्लंघन को लेकर सख्त चेतावनी देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि कोई अस्पताल इस योजना के तहत किसी मरीज से पैसे की मांग करता है, तो तुरंत सरकार के पास शिकायत दर्ज कराई जाए।
उन्होंने आगे कहा कि सरकार ऐसे गलत कामों में शामिल पाए जाने वाले किसी भी अस्पताल के खिलाफ सख्त, दंडात्मक और मिसाल कायम करने वाली कार्रवाई करेगी।
अंत में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा,
“मैं पंजाब के लोगों से अपील करता हूं कि वे इस योजना, जिसकी सराहना देश-विदेश में हो रही है, का अधिक से अधिक लाभ उठाएं।”









