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शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस द्वारा पटियाला के स्कूल ऑफ़ एमिनेंस का औचक दौरा, बुनियादी ढांचे का लिया जायज़ा

चंडीगढ़, 10 फरवरी:

 

पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने आज सुबह पटियाला ज़िले के भादसों स्थित स्कूल ऑफ़ एमिनेंस का औचक दौरा किया। यह दौरा भगवंत मान सरकार की चल रही ‘पंजाब शिक्षा क्रांति’ के तहत सरकारी स्कूलों में शिक्षा को सशक्त बनाने की दृढ़ प्रतिबद्धता को दर्शाता है। इस दौरान शिक्षा मंत्री ने चल रहे बुनियादी ढांचे के विकास कार्यों का जायज़ा लिया और शिक्षा की गुणवत्ता तथा उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं का मूल्यांकन करने के लिए विद्यार्थियों से सीधे बातचीत की।

 

स्कूल का विस्तृत निरीक्षण करते हुए हरजोत सिंह बैंस ने बुनियादी ढांचे को अपग्रेड करने से संबंधित कार्यों की प्रगति की बारीकी से समीक्षा की। उन्होंने स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता और सुविधाओं को लेकर फीडबैक लेने के लिए छात्रों से संवाद भी किया।

 

शिक्षा मंत्री ने इस स्कूल में 90 लाख रुपये की लागत से बनाए जा रहे अत्याधुनिक इंडोर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के निर्माण कार्य का भी जायज़ा लिया। इस कॉम्प्लेक्स में दो कबड्डी मैट और एक कुश्ती मैट के साथ 2,000 दर्शकों के बैठने की क्षमता होगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार युवाओं को मानसिक और शारीरिक रूप से स्वस्थ बनाने के लिए समग्र शिक्षा पर विशेष ध्यान दे रही है।

 

हरजोत सिंह बैंस ने कहा,

“शिक्षा भगवंत मान सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। हमारे ‘स्कूल ऑफ़ एमिनेंस’ केवल इमारतें नहीं हैं, बल्कि भविष्य के नेताओं और पेशेवरों की नींव हैं। निजी स्कूलों के विद्यार्थियों का सरकारी स्कूलों में दाख़िला लेना हमारी नीतियों और दी जा रही गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का प्रत्यक्ष प्रमाण है।”

 

उन्होंने आगे कहा,

“शिक्षा के लिए फंड की कोई कमी नहीं है। हमारे विद्यार्थियों में निवेश करना सीधे तौर पर पंजाब और देश के भविष्य में निवेश करने के समान है।”

 

स्कूल के प्रिंसिपल प्रीतइंदर घई ने शिक्षा मंत्री को बताया कि इस शैक्षणिक वर्ष में स्कूल में दाख़िलों में 11 प्रतिशत की वृद्धि हुई है और 200 से अधिक विद्यार्थी निजी स्कूलों से आए हैं, जो सरकारी शिक्षा प्रणाली में अभिभावकों के बढ़ते विश्वास को दर्शाता है। उन्होंने बताया कि 400 से अधिक विद्यार्थी छह स्कूल बसों के माध्यम से परिवहन सुविधाओं का लाभ उठा रहे हैं, जो उत्कृष्टता के केंद्र के रूप में स्कूल की बढ़ती साख को दर्शाता है।

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