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12 साल बाद बैलगाड़ी दौड़ों की पुनर्स्थापना ऐतिहासिक मील का पत्थर : स्पीकर कुलतार सिंह संधवां

चंडीगढ़ / किला रायपुर (लुधियाना), 18 फरवरी:

किला रायपुर ग्रामीण ओलंपिक के दूसरे दिन उत्साह का एक अभूतपूर्व नज़ारा देखने को मिला। हजारों की संख्या में लोग, विशेष रूप से युवा, पंजाब की समृद्ध ग्रामीण खेल विरासत का जश्न मनाने के लिए ऐतिहासिक किला रायपुर स्टेडियम में एकत्र हुए।

दूसरे दिन की प्रतियोगिताओं ने दर्शकों का मन मोह लिया, क्योंकि 12 वर्षों के अंतराल के बाद ऐतिहासिक बैलगाड़ी दौड़ों की भव्य वापसी हुई, जो आकर्षण का मुख्य केंद्र बनी। स्टेडियम में मौजूद दर्शकों ने जोरदार जयकारों के साथ पारंपरिक बैलगाड़ी दौड़ों का स्वागत किया। दर्शकों ने न केवल बैलगाड़ी दौड़ों का उत्साहपूर्वक समर्थन किया, बल्कि पारंपरिक खेलों और एथलेटिक प्रतियोगिताओं की जीवंत श्रृंखला का भी आनंद लिया। इनमें हॉकी मैच, कबड्डी मुकाबले, शॉट पुट थ्रो, 100 मीटर स्प्रिंट, रस्साकशी, लंबी कूद, बाजीगर शो और कई अन्य ग्रामीण एथलेटिक खेल शामिल थे। खेल मैदान परिवारों, किसानों, युवा समूहों तथा राज्य और राज्य से बाहर के दर्शकों से खचाखच भरा रहा, जिससे एकता, उत्साह और सामुदायिक भावना का अनूठा माहौल बना।

पंजाब विधानसभा के स्पीकर कुलतार सिंह संधवां ने उत्साही दर्शकों को संबोधित करते हुए कहा कि बैलगाड़ी दौड़ों की पुनर्स्थापना एक ऐतिहासिक मील का पत्थर साबित हुई है। यह उपलब्धि पंजाब पशुओं पर क्रूरता निवारण (पंजाब संशोधन) अधिनियम, 2025 में किए गए सुविचारित विधायी सुधारों तथा पशु कल्याण और सुरक्षा के कारण संभव हो सकी है। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि इस पारंपरिक खेल की वापसी न केवल पंजाब की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करती है, बल्कि युवा पीढ़ी में पारंपरिक ग्रामीण खेलों के प्रति नया उत्साह भी जगाती है। उन्होंने उम्मीद जताई कि ये खेल युवाओं को खेल मैदानों की ओर वापस लाएंगे और उन्हें नशे तथा अत्यधिक मोबाइल उपयोग से दूर रखेंगे। उन्होंने कहा कि इन खेलों से लोगों का गहरा भावनात्मक जुड़ाव है और ये पंजाब की संस्कृति व विरासत को जीवित रखने में सहायक हैं। उन्होंने इसे हमारी सामूहिक जिम्मेदारी बताया कि हम युवाओं को इन परंपराओं से फिर से जोड़ें, खासकर ऐसे समय में जब रील संस्कृति और डिजिटल भटकाव उन्हें अपनी असली पंजाबी जड़ों से दूर कर रहे हैं।

इससे पहले दिन में पंजाब सरकार के स्टेट मीडिया हेड बलतेज पन्नू ने आयोजकों और भारी संख्या में उपस्थित दर्शकों की सराहना की, जिनकी भागीदारी से यह आयोजन एक बड़ी सफलता बना। उन्होंने कहा कि बैलगाड़ी दौड़ों की पुनः शुरुआत ने पूरे पंजाब में नई खेल भावना का संचार किया है और ग्रामीण जोश व सांस्कृतिक पहचान के प्रतीक के रूप में किला रायपुर ग्रामीण ओलंपिक की शान को पुनः स्थापित किया है। उन्होंने कहा, “मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के विज़न के तहत हमने पिछली चुनौतियों को पार करते हुए इन शानदार खेलों को उचित सुरक्षा प्रबंधों के साथ दोबारा शुरू किया है, और आज लोगों के चेहरों पर खुशी देखकर स्पष्ट है कि यह प्रयास सराहनीय है।”

इस अवसर पर डिप्टी कमिश्नर हिमांशु जैन, अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर (ग्रामीण विकास) अमरजीत बैंस, एसडीएम लुधियाना पूर्वी जसलीन कौर भुल्लर, एसडीएम उपिंदरजीत कौर बराड़, सहायक कमिश्नर डॉ. प्रगति वर्मा, जिला खेल अधिकारी कुलदीप चुग्ग सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति और बड़ी संख्या में दर्शक उपस्थित रहे।

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