
चंडीगढ़, 18 फरवरी:
शैक्षणिक मानकों को और बेहतर बनाने की अपनी दृढ़ प्रतिबद्धता को दर्शाते हुए, मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार ने त्वरित और निर्णायक कार्रवाई की है। यह कार्रवाई पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस द्वारा माछीवाड़ा स्थित एक सरकारी प्राथमिक स्कूल के अचानक निरीक्षण के दौरान सामने आई गंभीर खामियों के बाद की गई। निरीक्षण के दौरान स्कूल प्रबंधन में कमियां उजागर हुईं और विद्यार्थियों को बुनियादी शिक्षा में संघर्ष करते पाया गया, जिसके चलते तुरंत सुधारात्मक कदम उठाए गए।
इसके बाद पंजाब स्कूल शिक्षा विभाग ने छह शिक्षकों को कारण बताओ नोटिस जारी किए। इनमें बीआरसी, मुख्य अध्यापक, एक एसोसिएट अध्यापक, तीन ईटीटी अध्यापक और एक आईईटी अध्यापक शामिल हैं।
यह कार्रवाई भगवंत मान सरकार द्वारा पंजाब में शुरू की गई ‘शिक्षा क्रांति’ मुहिम के तहत सीखने के परिणामों को और बेहतर बनाने पर केंद्रित प्रयासों का स्पष्ट प्रमाण है। लापरवाही या कर्तव्य में चूक के प्रति ज़ीरो-टॉलरेंस नीति को दोहराते हुए शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने ज़ोर देकर कहा कि शिक्षा भगवंत सिंह मान सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए हर स्तर पर जवाबदेही अनिवार्य है।
इन खामियों पर कड़ी नाराजगी जताते हुए शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने कहा,
“छोटी से छोटी लापरवाही भी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बच्चों का भविष्य कक्षाओं में गढ़ा जा रहा है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार के लिए शिक्षा सर्वोपरि है और ड्यूटी में किसी भी प्रकार की चूक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।”
उल्लेखनीय है कि पंजाब के शिक्षा मंत्री द्वारा शैक्षणिक मानकों, विद्यार्थियों की उपस्थिति, मिड-डे मील तथा बुनियादी ढांचे की स्थिति का आकलन करने के लिए राज्य भर के सरकारी स्कूलों का लगातार औचक निरीक्षण किया जा रहा है। ये अचानक दौरे सार्वजनिक शिक्षा प्रणाली को और सुदृढ़ करने तथा विद्यार्थियों के बेहतर भविष्य के प्रति पंजाब सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं।
शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने एक्स (X) हैंडल पर अपने दौरे की एक क्लिप साझा करते हुए कहा,
“माछीवाड़ा साहिब के सरकारी स्कूलों का अचानक दौरा किया और शैक्षणिक मानकों व समग्र कार्यप्रणाली की समीक्षा की। हमारे लिए बच्चों की शिक्षा से बढ़कर कुछ भी नहीं है। यदि कोई भी शिक्षक ड्यूटी में लापरवाही या अनदेखी करता पाया गया, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। आज इस प्राथमिक स्कूल के सभी शिक्षकों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। विद्यार्थियों की शिक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।”






