
चंडीगढ़/अमृतसर, 23 फरवरी:
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के निर्देशों पर पंजाब को नशा-मुक्त राज्य बनाने के लिए चल रही मुहिम के तहत एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए काउंटर इंटेलिजेंस (सीआई) अमृतसर ने नशा तस्करी से जुड़े एक मॉड्यूल के तीन कारकुनों को 6 किलो हेरोइन और 6 किलो आईसीई (क्रिस्टल मेथामफेटामाइन) सहित काबू कर इस गिरोह का पर्दाफाश किया है। यह जानकारी आज यहां पंजाब के पुलिस महानिदेशक गौरव यादव ने साझा की।
गिरफ्तार किए गए व्यक्तियों की पहचान फिरोजपुर के गांव सुरसिंघ वाला निवासी प्रताप सिंह, अमृतसर के गांव कोहाला निवासी अजयपाल सिंह और अमृतसर के गांव खियाला कलां निवासी जोबनदीप सिंह के रूप में हुई है। पुलिस टीमों ने नशीले पदार्थों की खेप बरामद करने के साथ-साथ आरोपियों के कब्जे से काले रंग की स्प्लेंडर मोटरसाइकिल (PB 02 FE 1185) और सफेद रंग की एक्टिवा (PB 02 ET 8995) भी जब्त की है, जिनका उपयोग खेप की ढुलाई में किया जा रहा था।
डीजीपी गौरव यादव ने बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपी प्रताप सिंह और अजयपाल सिंह एक पाकिस्तानी तस्कर के सीधे संपर्क में थे।
उन्होंने कहा कि आरोपी अमृतसर के गांव अटलगढ़ और रतन के बाड़ वाले इलाकों से ड्रोन के जरिए सीमा पार से तस्करी की गई खेप प्राप्त कर रहे थे और इन्हें आगे राज्य में अन्य लोगों तक नशीले पदार्थ सप्लाई करने का काम सौंपा गया था।
ऑपरेशन के विवरण साझा करते हुए डीजीपी ने बताया कि सीआई अमृतसर को पुख्ता खुफिया सूचना मिली थी कि प्रताप सिंह और अजयपाल सिंह को हाल ही में ड्रोन के जरिए नशीले पदार्थों की एक बड़ी खेप मिली है और वे इस खेप को गांव पधरी स्थित श्मशान घाट की पानी वाली टंकी के पास अपने साथी जोबनदीप सिंह तक पहुंचाने जा रहे हैं। सूचना के आधार पर त्वरित कार्रवाई करते हुए सीआई अमृतसर की पुलिस टीम ने मौके पर छापा मारा और तीनों संदिग्धों को 6 किलो हेरोइन और 6 किलो आईसीई सहित गिरफ्तार कर लिया।
डीजीपी ने कहा कि पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश करने और आगे-पीछे के संबंधों को स्थापित करने के लिए मामले में आगे की जांच जारी है तथा और गिरफ्तारियों की संभावना है।
इस संबंध में एफआईआर नंबर 10 दिनांक 23.02.2026 को थाना स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सेल, अमृतसर में एनडीपीएस एक्ट की धाराओं 21, 22, 25 और 29 के तहत मामला दर्ज किया गया है।









