
चंडीगढ़, 19 मार्च:
भगवंत सिंह मान के दिशा-निर्देशों के अनुसार पंजाब को सुरक्षित राज्य बनाने के लिए चल रही मुहिम के दौरान बड़ी सफलता हासिल करते हुए, पंजाब पुलिस की एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स (एजीटीएफ) ने हरियाणा की स्पेशल टास्क फोर्स (करनाल यूनिट) के साथ संयुक्त ऑपरेशन में आज कैथल में संक्षिप्त मुठभेड़ के बाद चंडीगढ़ सेक्टर 9 हत्याकांड में शामिल दो शूटरों को गिरफ्तार कर लिया और उनके कब्जे से तीन आधुनिक हथियार बरामद किए हैं। यह जानकारी गौरव यादव ने दी।
गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान राजन उर्फ पियूष पहलवान निवासी फिरोजपुर और प्रीतम शाह निवासी नवांशहर के रूप में हुई है। बरामद हथियारों में .30 बोर का पीएक्स-5 पिस्तौल, .30 कैलिबर का चीनी पिस्तौल और .32 कैलिबर का पिस्तौल समेत कारतूस शामिल हैं।
जानकारी के अनुसार, बुधवार को चंडीगढ़ के सेक्टर 9 में पीड़ित चरणप्रीत सिंह उर्फ चीनी की दो अज्ञात हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी।
डीजीपी गौरव यादव ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी बंबीहा गैंग के फरार गैंगस्टर लक्की पटियाल के मुख्य सहयोगी हैं। उन्होंने कहा कि प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि राजन उर्फ पियूष पहलवान जीवनजोत सिंह उर्फ जुगनू के ड्राइवर यादविंदर सिंह के हाई-प्रोफाइल हत्या मामले में भी वांछित है।
डीजीपी ने बताया कि एजीटीएफ पंजाब ने पूरे मॉड्यूल का पर्दाफाश कर दिया है और 30 घंटों से भी कम समय में आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। मामले की आगे की जांच जारी है।
इस ऑपरेशन के बारे में जानकारी देते हुए एजीटीएफ के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक प्रमोद बान ने बताया कि घटना के बाद आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए डीआईजी एजीटीएफ गुरमीत सिंह चौहान की निगरानी में विशेष ऑपरेशन “ओपीएस साइलेंट ट्रिगर” शुरू किया गया।
उन्होंने बताया कि ऑपरेशन के दौरान आरोपियों ने एसपी एजीटीएफ बिक्रमजीत सिंह बराड़ के नेतृत्व वाली पुलिस टीम पर फायरिंग की। जवाबी कार्रवाई में दोनों आरोपी घायल हो गए और उन्हें तुरंत इलाज के लिए अस्पताल भेज दिया गया।
एडीजीपी ने बताया कि शुरुआती पूछताछ में यह भी सामने आया है कि आरोपी पियूष अपने विदेशी हैंडलर के निर्देश पर हत्या को अंजाम देने के लिए मलेशिया से नेपाल के रास्ते भारत आया था।









