जाहिलो से बदतर कार्ययोजना बनाकर सरकारी खजाना लूटने में लगे हैं पीडब्ल्यूडी इंजीनियर
जाहिलो से बदतर कार्ययोजना बनाकर सरकारी खजाना लूटने में लगे हैं पीडब्ल्यूडी इंजीनियर
जाहिलो से बदतर कार्ययोजना बनाकर सरकारी खजाना लूटने में लगे हैं पीडब्ल्यूडी इंजीनियर
लाखों खर्च करके बनाई गई नाली में जल निकासी की व्यवस्था नहीं है शामिल
पूरे वर्ष नाली में गंदा पानी भरा रहने से गंभीर बीमारियों के शिकार हो रहे ग्रामीण
टेडीमोड कौशाम्बी कड़ा ब्लॉक के अंदावा मजरा पलटी पुर में बीते कई वर्षों से जल निकासी की समस्या के चलते ग्रामीणों की मांग और नेताओं की सिफारिश पर अंदावा के मजरा पलटी पुर में लोक निर्माण विभाग ने नाली और सड़क निर्माण का कार्य बोते जून महीने में कराया लेकिन कार्य योजना जिस तरह से बनाई गई है कि इंजीनियरों द्वारा बनाई गई कार्य योजना जाहिलो से बदतर कार्य योजना दिखाई पड़ रही है सड़क के साइड में नालियां तो बना दी गई लेकिन नालियों का पानी बह कर कहां जाएगा इस पर इंजीनियरों ने योजना नहीं बनाई है जिससे नाली के पानी का बहाव नहीं हो रहा है और नाली में पानी भरा रहता है गांव के तालाब के पानी की निकासी की व्यवस्था भी नाली निर्माण में नहीं की गई है नाली में गंदा पानी भरा रहने से दुर्गंध उठती है और बीमारियां फैल रही है
लाखों-करोड़ों की सरकारी रकम खर्च करके नाली और सड़क बनाए जाने का नतीजा यह रहा कि गांव में जलभराव की समस्या जैसे की तैसी बनी रह गई है नालियों और सड़क मरम्मत के बाद इतना जरूर हुआ है कि ठेकेदारों से सांठगांठ कर विभागीय अधिकारी सरकारी खजाना खाली करने में सफल हो गए हैं लोगों के घरों के सामने नाली का गंदा पानी पूरे समय भरा रहता है मकानों में जल रिसाव शुरू हो गया जिससे किसी बड़े हादसे से इनकार नहीं किया जा सकता बार-बार लोगों ने विभागीय अधिकारी और ठेकेदारों से जल निकासी की व्यवस्था दुरुस्त कराए जाने की मांग की लेकिन जब कार्य योजना ही जाहिलो के स्तर से बनाई गई है तो कैसे समस्या का समाधान विभागीय इंजीनियर करें कहने के लिए तो गांव में नाली का निर्माण हुआ लेकिन पानी की निकासी व्यवस्था नहीं की गई इससे जगह-जगह पानी का जमावड़ा हो गया है एक तरह डिजिटल इंडिया का सपना देख रहे हैं दूसरी तरफ बरसात होते ही पूरा गांव नरक में तब्दील हो गया रास्ते में पानी भरे होने से लोगों को निकलने में दिक्कत हो रही है लेकिन सवाल उठता है कि गलत कार्य योजना बनाने वाले इंजीनियरों के ऊपर शासन और मंडल स्तर से कार्रवाई नहीं हो रही है जिससे लोक निर्माण विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार का अंदाजा लगाया जा सकता है लोगों ने सूबे के मुख्यमंत्री का ध्यान आकृष्ट कराते हुए गलत तरीके से कार्य योजना बनाने वाले इंजीनियरों को निलंबित कर विभागीय जांच कराने की मांग की है









