
मानसा/बुढलाडा, 22 जनवरी
डिप्टी कमिश्नर श्रीमती नवजोत कौर, आई.ए.एस. के दिशा-निर्देशों तथा जिला कार्यक्रम अधिकारी श्रीमती खुशवीर कौर और जिला बाल संरक्षण अधिकारी श्रीमती हरजिंदर कौर के नेतृत्व में जिला बाल संरक्षण इकाई द्वारा बाल विवाह की रोकथाम के लिए मानसा और दयालपुरा में विशेष जागरूकता कैंप लगाए गए।
इस अभियान के तहत जिला बाल संरक्षण कार्यालय के काउंसलर राजिंदर वर्मा ने आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और विद्यार्थियों को बताया कि बाल विवाह न केवल एक कानूनी अपराध है, बल्कि यह बच्चों के शारीरिक, मानसिक और शैक्षिक विकास में भी बड़ी बाधा बनता है। उन्होंने जानकारी दी कि कानून के अनुसार लड़के की आयु 21 वर्ष और लड़की की आयु 18 वर्ष से कम होने पर विवाह कराना दंडनीय अपराध है।
इस अवसर पर विद्यार्थियों और अभिभावकों को बच्चों के अधिकारों के प्रति जागरूक करते हुए अपील की गई कि बाल विवाह जैसी कुप्रथा को जड़ से समाप्त करने के लिए समाज को एकजुट होना चाहिए। साथ ही यह भी कहा गया कि यदि कहीं भी बाल विवाह होने की जानकारी मिले तो तुरंत चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 या नजदीकी प्रशासनिक अधिकारियों से संपर्क किया जाए।
इस मौके पर कुलविंदर सिंह और सरबजीत कौर ने बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ योजना के बारे में जानकारी दी। कार्यक्रम में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और विद्यार्थी उपस्थित थे।









