
चंडीगढ़, 22 जनवरी:
मुख्यमंत्री सरदार भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार द्वारा अपनाई गई ज़ीरो टॉलरेंस नीति के तहत पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने वन विभाग कार्यालय, जिला नवांशहर में तैनात वन गार्ड तेजिंदरपाल सिंह, उसी कार्यालय में तैनात शमशेर सिंह (दिहाड़ी मजदूर) तथा जिला एस.बी.एस. नगर के निवासी चाय विक्रेता अमरजीत थिंद को 1,10,000 रुपये रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किया है।
यह जानकारी देते हुए राज्य विजिलेंस ब्यूरो के प्रवक्ता ने बताया कि यह गिरफ्तारी मुख्यमंत्री की भ्रष्टाचार विरोधी एक्शन लाइन पोर्टल पर दर्ज शिकायत के बाद की गई है। शिकायत की जांच के दौरान सामने आया कि ब्लॉक अधिकारी चिराग लखोतरा ने तेजिंदरपाल सिंह (वन गार्ड) और शमशेर सिंह (दिहाड़ी मजदूर) के साथ मिलकर शिकायतकर्ता मोहम्मद सलीम, जो वन विभाग की भूमि पर अवैध खनन में शामिल था, की तीन गाड़ियां (टिपर, जेसीबी और मोटरसाइकिल) जब्त कर लीं और उन्हें वन विभाग कार्यालय, नवांशहर ले आए।
प्रवक्ता ने आगे बताया कि ब्लॉक अधिकारी चिराग लखोतरा ने शमशेर सिंह के माध्यम से शिकायतकर्ता मोहम्मद सलीम को 6,00,000 रुपये का भारी जुर्माना लगाने की धमकी दी और उसके खिलाफ कार्रवाई न करने तथा जब्त की गई गाड़ियां छोड़ने के बदले 1,50,000 रुपये रिश्वत की मांग की। शमशेर सिंह के सहयोगी अमरजीत थिंद (चाय विक्रेता) ने मांगी गई राशि में से 70,000 रुपये (45,000 रुपये नकद और 25,000 रुपये यूपीआई के माध्यम से) प्राप्त किए।
प्रवक्ता ने बताया कि इसके बाद शिकायतकर्ता ने उसी यूपीआई खाते में दोबारा 40,000 रुपये ट्रांसफर किए। इस प्रकार कुल 1,10,000 रुपये की राशि शमशेर सिंह के सहयोगी अमरजीत थिंद को दी गई। इसके बाद शमशेर सिंह ने शिकायतकर्ता से शेष 40,000 रुपये का भुगतान करने को कहा, जो अभी तक प्राप्त नहीं हुए थे।
जांच के दौरान उक्त कर्मचारियों की संलिप्तता सामने आने पर विजिलेंस ब्यूरो यूनिट एसबीएस नगर ने इन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। विजिलेंस ब्यूरो ने वन विभाग कार्यालय नवांशहर के ब्लॉक अधिकारी चिराग लखोतरा के घर और अन्य स्थानों पर छापेमारी के लिए टीमें गठित की हैं, ताकि उसे जल्द गिरफ्तार किया जा सके। यदि इस मामले में वन विभाग के किसी अन्य अधिकारी या कर्मचारी के खिलाफ कोई सबूत सामने आता है, तो उसके विरुद्ध भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।
इस संबंध में आरोपियों के खिलाफ विजिलेंस ब्यूरो पुलिस थाना जालंधर रेंज में भ्रष्टाचार निरोधक कानून के तहत मामला दर्ज किया गया है और मामले की आगे की जांच जारी है।









