
चंडीगढ़, 9 फरवरी:
भारती एयरटेल लिमिटेड को निशाना बनाने के इरादे से 4जी/5जी टेलीकॉम बुनियादी ढांचे की चोरी के मामलों पर बड़ी और निरंतर कार्रवाई के तहत पंजाब पुलिस ने 17 और व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है। इसके साथ ही पूरे राज्य में गिरफ्तारियों की कुल संख्या 126 हो गई है और 140 एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं। इन निर्णायक कार्रवाइयों के परिणामस्वरूप महत्वपूर्ण सार्वजनिक टेलीकॉम सेवाएं निरंतर सुचारु रूप से चल रही हैं।
गौरतलब है कि 4जी/5जी बुनियादी ढांचे से संबंधित चोरी की रिपोर्टें सामने आने के बाद पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) पंजाब गौरव यादव के आदेशों पर एक विशेष जांच टीम (एसआईटी) का गठन किया गया था। इंस्पेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (आईजीपी) राजपाल सिंह संधू की अगुवाई में गठित इस एसआईटी ने जिला पुलिस इकाइयों के साथ मिलकर काम किया, ताकि आरोपियों को गिरफ्तार किया जा सके और चोरी किए गए उपकरणों की बरामदगी सुनिश्चित की जा सके।
इस संबंध में जानकारी साझा करते हुए एसआईटी के चेयरमैन आईजीपी राजपाल संधू ने बताया कि आरोपियों ने विशेष रूप से उच्च मूल्य वाले जीयूसी-1 कार्ड (बेस बैंड यूनिट्स) को निशाना बनाया, जो 4जी और 5जी सिग्नलों के प्रसारण के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होते हैं। उन्होंने कहा, “पूरी चोरी की वारदात दो मिनट से भी कम समय में अंजाम दी गई, जिसके बाद आरोपी मौके से फरार हो गए।” इन चोरियों के कारण प्रभावित क्षेत्रों में दूरसंचार सेवाएं बुरी तरह प्रभावित रहीं, जिससे लोगों को आवश्यक वॉयस और डेटा कनेक्टिविटी से वंचित होना पड़ा।
आईजीपी ने बताया कि तकनीकी निगरानी और मानव खुफिया जानकारी का उपयोग करते हुए पंजाब पुलिस ने इन चोरियों में शामिल नेटवर्कों को सफलतापूर्वक निष्क्रिय कर दिया है। वहीं, आगे-पीछे के संबंधों का पता लगाने और पूरे आपराधिक नेटवर्क को बेनकाब करने के लिए आगे की जांच जारी है।
पंजाब पुलिस ने सभी समाज विरोधी तत्वों को चेतावनी देते हुए कहा है कि वे ऐसी गतिविधियों को तुरंत बंद करें, अन्यथा कड़ी कानूनी कार्रवाई का सामना करने के लिए तैयार रहें। जिला पुलिस बलों द्वारा समर्पित विशेष क्रैक टीमें गठित की गई हैं। आगे की जांच जारी है और आने वाले समय में और गिरफ्तारियों की संभावना है।









