चंडीगढ़, 19 फरवरी
व्यापारियों के विश्वास को मज़बूत करने और ज़मीनी स्तर पर समन्वय को संस्थागत रूप देने की दिशा में एक निर्णायक कदम उठाते हुए, भगवंत मान सरकार ने पंजाब के व्यापारी समुदाय के चारों ओर सुरक्षा व्यवस्था को और सख़्त करने के लिए महत्वपूर्ण कदम बढ़ाए हैं। पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने आज यहां पंजाब स्टेट ट्रेडर्स कमीशन (पीएसटीसी), ज़िला एवं हलका स्तरीय व्यापारिक समितियों और पुलिस प्रशासन के बीच संरचित एवं समग्र समन्वय के निर्देश देते हुए स्पष्ट किया कि व्यापारियों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जा सकता और यह राज्य के ‘ईज़ ऑफ़ डूइंग बिज़नेस’ का एक प्रमुख हिस्सा है।
पंजाब स्टेट ट्रेडर्स कमीशन के चेयरमैन के रूप में पुलिस महानिदेशक गौरव यादव और आबकारी एवं कर आयुक्त जतिंदर जोरवाल के साथ पंजाब भवन से आयोजित उच्चस्तरीय वीडियो कॉन्फ्रेंस की अध्यक्षता करते हुए, वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने व्यापारियों से संबंधित सुरक्षा शिकायतों के प्राथमिकता के आधार पर समाधान के सख़्त निर्देश जारी किए। उन्होंने पुलिस प्रशासन तथा ट्रेडर्स कमीशन और समितियों के सदस्यों को आपसी समन्वय मज़बूत करने को कहा और ज़िला पुलिस प्रशासन को निर्देश दिए कि इस संबंध में की गई कार्रवाइयों की रिपोर्ट नियमित रूप से सीधे डीजीपी कार्यालय को भेजी जाए।
आबकारी एवं कर मंत्री ने कहा, “सरकार का उद्देश्य ट्रेडर्स कमीशन को सशक्त बनाना और इसे पूरे राज्य के व्यापारियों तक पुलिस की पहुँच को प्रभावी ढंग से बेहतर बनाने वाली एक प्रमुख शक्ति के रूप में उपयोग करना है।”
ज़मीनी स्तर पर निरंतर कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए वित्त मंत्री ने सभी ज़िला पुलिस बलों को ट्रेडर्स कमीशन और समिति सदस्यों के साथ नियमित संवाद बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने आदेश दिया कि हलका और ज़िला स्तर पर ट्रेडर्स कमीशन और समितियों की सभी बैठकों में सक्षम पुलिस अधिकारियों की उपस्थिति अनिवार्य हो, ताकि सामने आने वाली चुनौतियों का मौके पर ही समाधान किया जा सके। उन्होंने कहा, “ट्रेडर्स कमीशन या समितियों के सदस्यों अथवा व्यक्तिगत व्यापारियों द्वारा साझा की गई किसी भी जानकारी को पूरी तरह गोपनीय रखा जाएगा। संबंधित पुलिस अधिकारी सूचना देने वालों की सुरक्षा की पूरी ज़िम्मेदारी लेंगे और किसी भी प्रकार की लापरवाही पर सख़्त जवाबदेही तय की जाएगी।”
वित्त मंत्री ने ज़िला और हलका स्तरीय व्यापारिक समितियों के पदाधिकारियों से भी अपील की कि वे व्यापारियों में विश्वास पैदा करें और उन्हें आश्वस्त करें कि सरकार घर-द्वार तक सक्रिय पहुँच बनाने के लिए कार्य कर रही है, ताकि व्यापारी बिना किसी डर या झिझक के अपनी समस्याएं साझा कर सकें।
इन्हीं विचारों को दोहराते हुए डीजीपी गौरव यादव ने ट्रेडर्स कमीशन और समितियों के सदस्यों से पुलिस और व्यापारी वर्ग के बीच एक महत्वपूर्ण सेतु के रूप में कार्य करने की अपील की। उन्होंने कहा, “ज़मीनी स्तर पर अधिकारियों के प्रति व्यापारियों का विश्वास बढ़ाने के लिए आपको पुलिस बल की आँख और कान बनकर सेवा करनी चाहिए, जिससे समग्र सुरक्षा और मज़बूत होगी। पुलिस मानक प्रोटोकॉल के तहत कार्य करती है और समय पर उपयोगी सूचना मिलने पर मामलों के समाधान की सफलता दर काफ़ी अधिक होती है।”
डीजीपी ने सभी ज़िला पुलिस प्रमुखों को ट्रेडर्स कमीशन और समिति सदस्यों के साथ निरंतर एवं सक्रिय संवाद बनाए रखने और फीडबैक तंत्र को मज़बूत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसी भी खुफिया जानकारी की गोपनीयता बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है और व्यापारिक समुदाय से अप्रमाणित अफ़वाहों का शिकार होने या उन्हें फैलाने से बचने की अपील भी की।
बैठक सकारात्मक माहौल में संपन्न हुई, जिसमें राज्य भर के ज़िला पुलिस मुख्यालयों से जुड़े ट्रेडर्स कमीशन तथा ज़िला और हलका स्तरीय समिति सदस्यों ने वित्त मंत्री और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ रचनात्मक फीडबैक साझा किया। प्रतिनिधियों ने पुलिस और व्यापार क्षेत्र के बीच सहयोग का मज़बूत वातावरण बनाने हेतु मुख्यमंत्री भगवंत मान सरकार के सक्रिय प्रयासों की सराहना की और इस पहल की सफलता सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन को पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया।









