
चंडीगढ़, 5 मार्च :
सिख धर्म के सबसे बड़े त्योहार ‘होला मोहल्ला’ की पवित्रता और पर्यावरण की स्वच्छता बनाए रखने के लिए पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (पीपीसीबी) ने इस आयोजन को प्लास्टिक मुक्त बनाने के लिए एक व्यापक अभियान सफलतापूर्वक चलाया। इस अभियान के तहत पीपीसीबी ने एक बड़ी पर्यावरण-अनुकूल पहल करते हुए श्री आनंदपुर साहिब में विभिन्न समितियों द्वारा चलाए जा रहे लंगरों में लाखों की संख्या में बायोडिग्रेडेबल और कम्पोस्टेबल डिस्पोजेबल वस्तुएं मुफ्त उपलब्ध करवाईं।
इस संबंध में जानकारी देते हुए पंजाब सरकार के एक प्रवक्ता ने बताया कि इस अभियान का औपचारिक उद्घाटन 1 मार्च 2026 को पीपीसीबी की चेयरपर्सन श्रीमती रीना गुप्ता और सदस्य सचिव श्री लवनीत दुबे के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल द्वारा अकाल तख्त साहिब और श्री केसगढ़ साहिब के जत्थेदार कुलदीप सिंह गड़गज्ज से मुलाकात करके किया गया था। इस अभियान को शुरू करने से पहले विभाग ने एक सप्ताह पहले ही प्रारंभिक तैयारियां शुरू कर दी थीं, जिनमें लंगर समितियों से संपर्क करना, आवश्यकताओं का आकलन करना और जिला प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित करना शामिल था।
प्रवक्ता ने बताया कि इस अभियान के दौरान विशेष रूप से पर्यावरण-अनुकूल बुनियादी ढांचे के विस्तार पर ध्यान केंद्रित किया गया। सिंगल-यूज़ प्लास्टिक के उपयोग को रोकने के लिए पीपीसीबी ने 20 लाख से अधिक उच्च गुणवत्ता वाले बायोडिग्रेडेबल विकल्पों की आपूर्ति सुनिश्चित की। होला मोहल्ला के दौरान 7 लाख बायोडिग्रेडेबल प्लास्टिक कप, 6.5 लाख बायोडिग्रेडेबल चम्मच, 2.5 लाख प्लेटें, 5 लाख बायोडिग्रेडेबल कटोरियां और अन्य सामान, 5,000 बायोडिग्रेडेबल कूड़ा-करकट बैग तथा 30,000 बायोडिग्रेडेबल कैरी बैग (कड़ाह प्रसाद के लिए) विभिन्न लंगरों और गुरुद्वारा साहिबानों में उपलब्ध कराए गए।
प्रवक्ता ने बताया कि इस बड़े अभियान को जमीनी स्तर पर सफलतापूर्वक लागू करने के लिए पीपीसीबी की 20 समर्पित टीमों और स्वयंसेवकों ने बड़े पैमाने पर सहयोग किया। यह कार्य 27 फरवरी 2026 से 4 मार्च 2026 तक पूरे उत्साह और समर्पण के साथ चलाया गया।
पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की चेयरपर्सन श्रीमती रीना गुप्ता ने कहा,
“गुरु साहिब का संदेश ‘पवन गुरु पानी पिता, माता धरत महत’ हमें प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा करने की शिक्षा देता है। इसलिए होला मोहल्ला के अवसर पर श्री आनंदपुर साहिब की पवित्र धरती को प्लास्टिक प्रदूषण से बचाने से बेहतर कोई और प्रयास नहीं हो सकता।”









