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पंजाब – नाबार्ड द्वारा वित्तपोषित परियोजना के तहत किसानों का एक एक्सपोज़र दौरा।

फरीदकोट, 23 मार्च ( )

पंजाब–नाबार्ड द्वारा वित्तपोषित परियोजना के तहत किसानों का एक एक्सपोज़र दौरा मोरांवाली (फरीदकोट) स्थित विरक फ्रूट फार्म पर सफलतापूर्वक आयोजित किया गया। इसका मुख्य उद्देश्य टिकाऊ कृषि प्रणालियों को बढ़ावा देना और किसानों को ड्रैगन फ्रूट जैसी कम पानी में तैयार होने वाली उच्च मूल्य वाली फसलों को अपनाने के लिए प्रेरित करना था।

इस कार्यक्रम में इंजीनियर अमरजीत सिंह ढिल्लों, सदस्य, बोर्ड ऑफ मैनेजमेंट, पंजाब एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी (पी.ए.यू.) शामिल हुए। नेशनल बैंक फॉर एग्रीकल्चर एंड रूरल डेवलपमेंट (नाबार्ड) के प्रतिनिधियों में श्री सुरेश कुमार, डिस्ट्रिक्ट डेवलपमेंट मैनेजर फरीदकोट और श्री रामेश्वर दास, लीड डिस्ट्रिक्ट मैनेजर फरीदकोट ने भी शिरकत की और किसानों के साथ संवाद किया।

यह दौरा प्रगतिशील महिला किसान श्रीमती रजिंदर कौर विरक द्वारा संचालित विरक फ्रूट फार्म पर आयोजित किया गया, जो नई सोच और फसल विविधीकरण का एक आदर्श मॉडल है। किसानों को ड्रैगन फ्रूट की हाई-टेक खेती के साथ-साथ अमरूद, सेब, किन्नू और पपीता जैसी अन्य फलदार फसलों की खेती के बारे में भी जानकारी दी गई। इस दौरान बागवानी प्रबंधन, पानी के समुचित उपयोग और फल आधारित खेती के आर्थिक लाभों पर व्यावहारिक जानकारी प्रदान की गई।

इस अवसर पर विशेषज्ञों ने ड्रैगन फ्रूट की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए इसे जलवायु अनुकूल और कम पानी की आवश्यकता वाली फसल बताया, जो जल संकट वाले क्षेत्रों के लिए अत्यंत उपयोगी है। किसानों ने इन नई तकनीकों को अपनाने में गहरी रुचि दिखाई, जिससे वे अपनी आय में वृद्धि कर सकें और प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण भी कर सकें।

इस एक्सपोज़र दौरे का संयोजन डॉ. अरमदीप कौर, हॉर्टिकल्चरिस्ट, पंजाब एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी, रीजनल रिसर्च स्टेशन, फरीदकोट द्वारा अत्यंत सुव्यवस्थित ढंग से किया गया। उन्होंने कहा कि संस्थागत सहयोग और किसान जागरूकता से क्षेत्र में नई बागवानी फसलों को अपनाने में तेजी लाई जा सकती है।

कार्यक्रम के अंत में धन्यवाद प्रस्ताव के साथ समापन किया गया और सभी ने पंजाब में टिकाऊ कृषि, जल संरक्षण और फसल विविधीकरण को आगे बढ़ाने के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

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