राजनीति

देख तेरे हिंदुस्तान की हालत क्या हो गया भगवान कितना बदल गया इंसान, कितना बदल गया इंसान  युवा समाज सेवी नारायण साहनी

देख तेरे हिंदुस्तान की हालत क्या हो गया भगवान कितना बदल गया इंसान, कितना बदल गया इंसान  युवा समाज सेवी नारायण साहनी

देख तेरे हिंदुस्तान की हालत क्या हो गया भगवान कितना बदल गया इंसान, कितना बदल गया इंसान- समाज सेवी नारायण साहनी

संतोष कुमार नागर

अहमदाबाद गुजरात हिंदुस्तान के वर्तमान परिवेश को लेकर युवा समाज सेवी नारायण साहनी ने चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि हमारे देश में जर,जोरू,जमीन और राजनीतिक सत्ता को लेकर इंसान -इंसान के बीच इतनी नफ़रत बढ़ गई है कि इसको किसी सभ्य समाज एवं राष्ट्र में स्वीकार नहीं किया जा सकता है। किंतु हमारे देश की स्थिति -परिस्थिति सुधरने की जगह बद से बद्तर होती जा रही है जो गंभीर चिंता और चिंतन करने की जरूरत है।श्री साहनी ने कहा कि मणिपुर की घटनाओं ने देश को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शर्मसार किया है। उन्होंने कहा कि ऐसे अपराधियों को सीधे और तत्काल फांसी दे दी जानी चाहिए। युवा समाज सेवी नारायण साहनी ने आगे कहा कि इस देश का दुर्भाग्य है कि आजादी के ७५वें साल के बाद भी यहां मंदिर -मस्जिद, हिंदू -मुस्लिम,जाति -पात, ऊंच-नीच छुआ-छूत आदि की दुर्भावना समाप्त होने की बजाय बढ़ती जा रही है।

श्री साहनी ने कहा कि भारतीय लोकतंत्र की स्थिति भी तानाशाही होती जा रही है जो गंभीर चिंता का विषय बनता जा रहा है। उन्होंने कहा कि मणिपुर की घटनाओं ने देश को हिला के रख दिया है। इस दिशा में वर्तमान सरकार भी मूकदर्शक बनी हुई है। सिर्फ सत्ता सुख की लालसा रखने वाले नेताओं जो केंद्र और राज्य सरकार चला रहे हैं वे पूरी तरह निष्ठुर हो गये हैं। देश वासियों की गाढ़ी कमाई पर सत्ता सुख भोगने वाले राजनेताओं ने आम नागरिकों को हिंसा, बलात्कार, हत्या जैसे संगीन वातावरण में झोंक दिया है।

उन्होंने कहा कि इस देश में बढ़ती बेरोजगारी, महंगाई,घूसखोरी, साम्प्रदायिक तनाव, महिलाओं, किसानों का उत्पीड़न अन्याय आदि की बढ़ती आपराधिक घटनाओं ने देश की कानून व्यवस्था और केंद्र सरकार के कामकाज पर प्रश्न चिन्ह लगा दिया है। उन्होंने आगे कहा कि देश के कुछ इलेक्ट्रॉनिक मीडिया वालों ने जिनको वर्तमान समय में गोदी मीडिया कहा जाने लगा है वह अपने अपने निजी स्वार्थ में व्यवसायिक बनते जा रहे हैं। जिसके कारण देश की हालत गंभीर बनती जा रही है।श्री साहनी ने कहा कि समय रहते नहीं चेते तो इससे भी भयंकर गृहयुद्ध जैसी परिस्थितियां उत्पन्न होते देर नहीं लगेगी।तो आइए हम सभी सम्मानित देशवासियों को संकल्प लेना होगा जो सरकार सिर्फ अपने हित के लिए नागरिकों की समस्याओं को नजरंदाज कर रही है उसे आने वाले दिनों में मतदान के जरिए सत्ता से बाहर कर देने की आवश्यकता है।

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