
चंडीगढ़, 10 फरवरी:
मुख्यमंत्री सरदार भगवंत सिंह मान के निर्णायक नेतृत्व में पंजाब सरकार समाज के सभी वर्गों के हितों की रक्षा करने और राज्य भर में सामाजिक न्याय एवं सशक्तिकरण की व्यवस्था को मजबूत करने के लिए निर्णायक, समयबद्ध और परिणाम-उन्मुख कदम लागू कर रही है। यह बात सामाजिक न्याय, अधिकारिता एवं अल्पसंख्यक मामलों की मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने कही।
पंजाब भवन में विभिन्न कल्याण बोर्डों के नव-नियुक्त चेयरपर्सनों के साथ पहली आधिकारिक बैठक की अध्यक्षता करते हुए डॉ. बलजीत कौर ने स्पष्ट रूप से कहा कि कल्याण बोर्डों को सक्रियता, जिम्मेदारी और सरकार के साथ घनिष्ठ समन्वय में कार्य करना चाहिए। उन्होंने चेयरपर्सनों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने समुदायों से जुड़े मुद्दों, मांगों और प्राथमिकताओं की योजनाबद्ध ढंग से पहचान करें और यह सुनिश्चित करें कि उन्हें समय पर तथा प्रभावी प्रशासनिक कार्रवाई के माध्यम से हल किया जाए।
बैठक के दौरान कैबिनेट मंत्री ने विभिन्न कल्याण बोर्डों के चेयरपर्सनों द्वारा उठाई गई समस्याओं को गंभीरता से सुना और संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट व समयबद्ध निर्देश जारी किए। साथ ही नियमित अनुपालन रिपोर्ट की भी मांग की गई, ताकि किसी भी प्रकार की देरी या प्रक्रियागत ढिलाई की कोई गुंजाइश न रहे।
डॉ. बलजीत कौर ने जोर देकर कहा कि पंजाब सरकार का दृष्टिकोण केवल कल्याण बोर्डों के गठन तक सीमित नहीं है। “हमारा उद्देश्य प्रत्येक पात्र नागरिक तक कल्याण योजनाओं की प्रभावी, पारदर्शी और प्रत्यक्ष पहुंच सुनिश्चित करना है,” उन्होंने कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार “सबके लिए न्याय, सबके लिए विकास” के सिद्धांत पर अडिग प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि वर्तमान शासन व्यवस्था में समाज के किसी भी वर्ग को उपेक्षित या हाशिये पर धकेले जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। इस मिशन में कल्याण बोर्डों से अपेक्षा की जाती है कि वे सरकारी नीतियों को जमीनी स्तर तक पहुंचाने में निर्णायक भूमिका निभाएं।
कैबिनेट मंत्री ने बताया कि पंजाब सरकार ने हाल ही में समाज के विभिन्न वर्गों की भलाई और उन्नति सुनिश्चित करने के लिए कई कल्याण बोर्डों का गठन किया है। इनमें कंबोज कल्याण बोर्ड, बाजीगर एवं टपरीवास कल्याण बोर्ड, ब्राह्मण कल्याण बोर्ड, खत्री अरोड़ा कल्याण बोर्ड, दलित विकास कल्याण बोर्ड, राय सिख कल्याण बोर्ड, राजपूत कल्याण बोर्ड, विमुक्त जाति कल्याण बोर्ड, प्रजापति कल्याण बोर्ड, सैनी कल्याण बोर्ड, रामगढ़िया कल्याण बोर्ड, अग्रवाल कल्याण बोर्ड, गुज्जर कल्याण बोर्ड, बैरागी कल्याण बोर्ड, स्वर्णकार कल्याण बोर्ड, सैण समाज कल्याण बोर्ड, पंजाब राज्य मुस्लिम विकास बोर्ड, प्रवासी कल्याण बोर्ड, कनौजिया कल्याण बोर्ड, मसीह कल्याण बोर्ड तथा सूफी संत समाज कल्याण बोर्ड शामिल हैं।
उन्होंने आगे कहा कि ये कल्याण बोर्ड अपने-अपने समुदायों के सामने मौजूद सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक चुनौतियों का आवश्यकता-आधारित मूल्यांकन करेंगे, सरकार को ठोस नीतिगत सिफारिशें प्रस्तुत करेंगे और प्रशासन तथा जनता के बीच एक मजबूत एवं जवाबदेह संस्थागत सेतु के रूप में कार्य करेंगे।
डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि यह पहल राज्य भर में समावेशी विकास, सामाजिक न्याय तथा सौहार्दपूर्ण और समानतापूर्ण सामाजिक ताने-बाने को सुदृढ़ करने के लिए पंजाब सरकार के दृढ़ संकल्प को दर्शाती है।
इस अवसर पर सामाजिक न्याय, अधिकारिता एवं अल्पसंख्यक विभाग के प्रमुख सचिव श्री वी.के. मीना, आई.ए.एस., निदेशक श्रीमती विम्मी भुल्लर, आई.ए.एस. तथा विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी विशेष रूप से बैठक में उपस्थित थे।









