
चंडीगढ़ / नई दिल्ली, 3 मार्च, 2026
मध्य पूर्व में बढ़ते संघर्ष के कारण बड़ी संख्या में पंजाबियों के फंसे होने के मद्देनज़र, एनआरआई मामलों के मंत्री डॉ. रवजोत सिंह ने आज केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री के. आर. नायडू से मुलाकात की। उन्होंने फंसे हुए लोगों की सुरक्षित और शीघ्र वापसी सुनिश्चित करने के लिए बचाव उड़ानें शुरू करने, विशेष विमानों के संचालन तथा हवाई किरायों में की गई बढ़ोतरी पर रोक लगाने की मांग की।
डॉ. रवजोत सिंह ने कहा, “उड़ानों को दोबारा शुरू करने और विशेष निकासी सेवाएं संचालित करने की तत्काल आवश्यकता है। हमारे लोगों को इस संकट की घड़ी में असहाय नहीं छोड़ा जा सकता।”
मध्य पूर्व में जारी संघर्ष और क्षेत्रीय अस्थिरता के कारण पंजाबी प्रवासी समुदायों को आ रही कठिनाइयों पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा, “पंजाब की आबादी का एक महत्वपूर्ण हिस्सा विभिन्न मध्य पूर्वी देशों में रहता और काम करता है। कई निर्धारित उड़ानों के रद्द होने से हमारे अनेक एनआरआई भाई-बहन वहां फंस गए हैं और उनके परिवार यहां गहरी चिंता में हैं।”
उन्होंने केंद्रीय मंत्री से अपील की कि सभी सुरक्षित कॉरिडोरों पर परिचालन बहाल करने के लिए एयरलाइनों के साथ समन्वय किया जाए और फंसे हुए यात्रियों को वापस लाने के लिए विशेष विमान चलाए जाएं। उन्होंने कहा, “कई महत्वपूर्ण मार्ग बंद कर दिए गए हैं, जिससे बड़ी संख्या में यात्री फंस गए हैं। उच्च तनाव वाले क्षेत्रों में फंसे लोगों या आपात स्थिति में घर लौटने के इच्छुक लोगों के लिए उड़ानों को फिर से शुरू करना और विशेष निकासी/राहत उड़ानें चलाना अत्यंत आवश्यक है।”
टिकटों की बढ़ती कीमतों का मुद्दा उठाते हुए डॉ. रवजोत सिंह ने कहा, “उड़ानों की संख्या कम होने के कारण कुछ एयरलाइंस किराया बढ़ाकर यात्रियों का शोषण कर रही हैं। इस संकट के दौरान नागरिकों के वित्तीय शोषण को रोकने के लिए इन मार्गों पर किराया नियंत्रण सुनिश्चित किया जाना चाहिए।”
बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में उन्होंने बताया कि पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने भी बैठक के दौरान के. आर. नायडू से टेलीफोन पर बात की और अनुरोध किया कि बिना देरी के पंजाबियों को सुरक्षित घर वापस लाने के लिए विशेष उड़ानों की व्यवस्था करने की अनुमति दी जाए। मुख्यमंत्री ने स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि आवश्यकता पड़ने पर राज्य सरकार को स्वयं विशेष उड़ानों की व्यवस्था करने की अनुमति दी जाए।
डॉ. रवजोत सिंह ने बताया कि केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ने भरोसा दिलाया है कि पंजाब सरकार द्वारा उठाई गई चिंताओं पर प्राथमिकता के आधार पर विचार किया जाएगा। उन्होंने कहा, “केंद्र सरकार पहले से ही इस विषय पर काम कर रही है क्योंकि कई राज्यों के लोग खाड़ी देशों में फंसे हुए हैं।”
एनआरआई मामलों के मंत्री ने खाड़ी देशों से लौटने वाले पंजाबियों के लिए हर आवश्यक सहायता सुनिश्चित करने हेतु आईजीआई हवाई अड्डे पर पंजाब सरकार द्वारा स्थापित सुविधा केंद्र का भी दौरा किया।
उन्होंने कहा, “पंजाब सरकार ने फंसे हुए पंजाबियों की सहायता के लिए 24×7 सक्रिय हेल्पलाइन पहले ही शुरू कर दी है। प्रभावित परिवार तत्काल सहायता के लिए 0172-2260042, 0172-2260043 पर कॉल कर सकते हैं या व्हाट्सएप नंबर +91 94787 79112 पर संदेश भेज सकते हैं। स्थिति की निगरानी के लिए एडीजीपी आर. के. जैसवाल के नेतृत्व में एक उच्च स्तरीय टीम का भी गठन किया गया है।”
उन्होंने दोहराया कि राज्य सरकार पंजाबियों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। “मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में हम इस संकट की घड़ी में अपने लोगों को हर प्रकार की सहायता देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।”
इससे पहले, डॉ. रवजोत सिंह ने राज्य भर के सभी जिलों के उपायुक्तों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस की और उन्हें विदेशों में फंसे पंजाबियों की सहायता के लिए जिला स्तर पर हेल्पलाइन नंबर प्रमुखता से प्रदर्शित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि “फंसे हुए पंजाबियों से संबंधित सभी पूछताछ का जिला स्तर पर पूरी जिम्मेदारी और ईमानदारी से निपटारा किया जाए, ताकि समय पर और प्रभावी सहायता सुनिश्चित हो सके।”
बैठक के दौरान पंजाब भवन, नई दिल्ली के प्रिंसिपल रेजिडेंट कमिश्नर डॉ. एस. करुणा राजू भी उपस्थित थे।









