
चंडीगढ़, 3 मार्च:
भगवंत मान सरकार द्वारा राज्य भर की 14,100 महिला उद्यमियों को महिला दिवस के अवसर पर सम्मानित करने के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत अब तक 28,000 से अधिक पंजीकरण हो चुके हैं। यह पहल ग्रामीण महिला-नेतृत्व वाले विकास की दिशा में सरकार का एक मजबूत कदम दर्शाती है।
ग्रामीण विकास एवं पंचायत मंत्री तरुनप्रीत सिंह सोंद ने बताया कि इस संबंध में राज्य स्तरीय समारोह 18 मार्च 2026 को आयोजित किया जाएगा। इस अवसर पर पंजाब की चुनी गई शीर्ष 100 महिला उद्यमियों को प्रति महिला ₹25,000 का पुरस्कार दिया जाएगा। यह पहल पंजाब राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (PSRLM) के अंतर्गत महिला उद्यमियों को पहचान और प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से की जा रही है।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से तैयारियों की समीक्षा करते हुए मंत्री ने कहा,
“पंजाब ग्रामीण आजीविका मिशन को जबरदस्त प्रतिक्रिया मिल रही है, क्योंकि 28,000 से अधिक महिलाएं सम्मान समारोह के लिए पंजीकरण करा चुकी हैं।”
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कार्यक्रमों की जानकारी व्यापक रूप से प्रचारित की जाए, ताकि अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित हो सके। साथ ही उन्होंने राज्य की सभी महिला उद्यमियों से महिला सशक्तिकरण को समर्पित इस बड़े आयोजन में सक्रिय भागीदारी की अपील की।
राज्य स्तरीय कार्यक्रम की रूपरेखा साझा करते हुए उन्होंने कहा कि 18 मार्च 2026 को होने वाले इस आयोजन का जिला, ब्लॉक और ग्राम पंचायत स्तर पर लाइव प्रसारण किया जाएगा, ताकि हर गांव इस उत्सव से जुड़ सके।
पहल के विस्तार पर प्रकाश डालते हुए मंत्री ने बताया कि सम्मान समारोह ब्लॉक और विधानसभा क्षेत्र स्तर पर शुरू हो चुके हैं और 12 मार्च से जिला स्तर पर आयोजित किए जाएंगे। इसके बाद राज्य स्तरीय समारोह के साथ इस श्रृंखला का समापन होगा।
उन्होंने कहा,
“प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र से स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी 100 महिला उद्यमियों को सम्मानित किया जाएगा, जिससे कुल 11,700 महिलाएं सम्मानित होंगी। इसी प्रकार 23 जिलों में से प्रत्येक जिले से 100 महिला उद्यमियों, यानी कुल 2,300 महिलाएं, सम्मानित की जाएंगी। राज्य स्तर पर एक समिति द्वारा चुनी गई शीर्ष 100 महिला उद्यमियों को ₹25,000 प्रति व्यक्ति की राशि प्रदान की जाएगी।”
इस प्रकार पूरे पंजाब में कुल 14,100 महिला उद्यमियों को सम्मानित किया जाएगा।
मिशन के व्यापक प्रभाव को रेखांकित करते हुए मंत्री ने कहा कि PSRLM ग्रामीण जरूरतमंद परिवारों की महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों से जोड़कर उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रहा है। राज्य में लगभग 58,000 स्वयं सहायता समूह सक्रिय हैं, जिनसे करीब 6 लाख ग्रामीण महिलाएं जुड़ी हुई हैं। सरकार द्वारा लाभार्थियों को ₹30,000 का रिवॉल्विंग फंड, ₹50,000 का कम्युनिटी इन्वेस्टमेंट फंड तथा 7% ब्याज दर पर ऋण सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।
सहायता ढांचे पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि PSRLM के माध्यम से महिलाओं को वित्तीय सहायता के साथ-साथ प्रशिक्षण, बाजार से जोड़ना, बैंकिंग सहायता और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं तक पहुंच प्रदान की जा रही है। इससे ग्रामीण परिवारों की आय बढ़ रही है और उनकी सामाजिक स्थिति में सुधार हो रहा है।
अधिक भागीदारी की अपील करते हुए मंत्री तरुनप्रीत सिंह सोंद ने कहा,
“सभी हितधारकों को चाहिए कि वे अधिक से अधिक महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों से जोड़कर उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने में सहयोग करें, ताकि ‘सशक्त महिला, सशक्त पंजाब’ का सपना साकार हो सके।”
इस वीडियो कॉन्फ्रेंस में प्रशासनिक सचिव अजीत बालाजी जोशी, संयुक्त विकास आयुक्त शेना अग्रवाल, ग्रामीण विकास एवं पंचायत निदेशक उमा शंकर गुप्ता, मिशन के नोडल अधिकारी रमनदीप शर्मा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।









