
चंडीगढ़, 5 मार्च:
राज्य के लोगों के लिए सुरक्षित और स्वास्थ्यवर्धक खाद्य पदार्थ सुनिश्चित करने के लिए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने आज एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए खाद्य पदार्थों की जांच के लिए एक व्यापक और लक्षित अभियान शुरू करने की घोषणा की। कैबिनेट मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार पंजाब के लोगों के लिए शुद्ध अन्न (स्वस्थ भोजन) सुनिश्चित करने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ रही है।
यहां अपने कार्यालय में वरिष्ठ अधिकारियों, जन स्वास्थ्य विशेषज्ञों और प्रमुख नियामक एवं वैज्ञानिक संस्थानों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की अध्यक्षता करते हुए डॉ. बलबीर सिंह ने फूड एंड ड्रग्स एडमिनिस्ट्रेशन (एफडीए) को ‘फूड सेफ्टी ऑन व्हील्स’ (एफएसडब्ल्यू) वैनों के माध्यम से खाद्य पदार्थों में मिलावट की व्यापक जांच के लिए 1 अप्रैल से 15 अप्रैल, 2026 तक 15 दिन का राज्यव्यापी अभियान चलाने के निर्देश दिए।
इस बात पर जोर देते हुए कि ये मोबाइल वैन खाद्य मिलावट के खिलाफ लड़ाई में एक महत्वपूर्ण साधन हैं, स्वास्थ्य मंत्री ने सभी फूड बिजनेस ऑपरेटरों (एफबीओ) और आम लोगों से इस विशेष अभियान के दौरान अपने नमूनों की जांच करवाने की अपील की, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि उनके खाद्य पदार्थों में कोई मिलावट नहीं है और वे सुरक्षा मानकों के अनुरूप हैं। उन्होंने कहा कि यह अभियान एफबीओ को शिक्षित करने और मौके पर जांच के लिए एफएसडब्ल्यू के उपयोग पर केंद्रित होगा।
उल्लेखनीय है कि ‘फूड सेफ्टी ऑन व्हील्स’ मोबाइल फूड टेस्टिंग वैन हैं, जो दूध, घी, पनीर, पानी, मसाले, फूड सप्लीमेंट, मिठाइयां, फल, सब्जियां और अन्य दैनिक उपयोग की वस्तुओं सहित खाद्य पदार्थों की प्रमुख श्रेणियों में मिलावट की जांच के लिए उपकरणों से पूरी तरह सुसज्जित हैं।
स्वास्थ्य मंत्री ने राज्य भर में रासायनिक अवशेषों और दूषित तत्वों के योजनाबद्ध तरीके से नमूने एकत्र करने और जांच के लिए एक समयबद्ध कार्य योजना को भी मंजूरी दी है। इन मुख्य अध्ययनों में औद्योगिक क्षेत्रों और नालों के आसपास उगाई जाने वाली सब्जियों में भारी धातुओं और कीटनाशकों के दूषण की जांच शामिल है। इसके साथ ही न्यूट्रास्यूटिकल्स की व्यापक जांच की जाएगी और पोल्ट्री, अंडे और मांस में एंटीबायोटिक अवशेषों का पता लगाने के लिए एक अलग अध्ययन किया जाएगा।
उन्होंने आगे कहा कि इन अध्ययनों से प्राप्त डेटा भविष्य में नियामक निर्णय लेने और नीति निर्माण में सहायक होगा।
कैबिनेट मंत्री ने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय से काम करने के निर्देश देते हुए कहा कि खाद्य पदार्थों में मिलावट किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी और ऐसी गतिविधियों में शामिल पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने सभी एफबीओ, जिनमें स्ट्रीट फूड विक्रेता भी शामिल हैं, से एफडीए के साथ स्वयं को पंजीकृत करने और “सही खाओ, स्वस्थ रहो” पहल को अपनाने की अपील की, ताकि पंजाब को स्वस्थ और सुरक्षित राज्य बनाने में योगदान दिया जा सके।
इस बैठक में प्रमुख सचिव स्वास्थ्य कुमार राहुल, प्रमुख सचिव कृषि अरशदीप सिंह थिंद, कमिश्नर एफडीए कंवल प्रीत बराड़, सदस्य पंजाब विकास आयोग अनुराग कुंडू, गडवासू के वाइस चांसलर डॉ. जे.एस. गिल, डायरेक्टर स्वास्थ्य सेवाएं डॉ. हितिंदर कौर, डायरेक्टर रिसर्च एंड मेडिकल एजुकेशन डॉ. अवनीश कुमार, प्रिंसिपल डायरेक्टर एम्स मोहाली, सीईओ पीबीटीआई, पीपीसीबी के वरिष्ठ वैज्ञानिक, डायरेक्टर कृषि, बागवानी, पीएयू, गडवासू और एम्स के प्रतिनिधि प्रोफेसर तथा फूड एंड ड्रग्स एडमिनिस्ट्रेशन के अधिकारी शामिल हुए।









